अगर घर में शंख है तो रखें विशेष ध्यान दे,इन 5…, Ghar Me Shankh Hai

Ghar me shankh hai अगर घर में शंख है तो रखें विशेष ध्यान, इन 5 गलतियों से छिन सकती है सुख-शांति | जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

Ghar me shankh hai अगर घर में शंख है तो रखें विशेष ध्यान, इन 5 गलतियों से छिन सकती है सुख-शांति | जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र


क्या आपने कभी सोचा है…कि भगवान विष्णु के हाथ में जो शंख है, वह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि एक जीवंत शक्ति है?

कहा जाता है – “जहाँ शंख की ध्वनि गूँजती है, वहाँ लक्ष्मी स्वयं वास करती हैं।”

लेकिन…
अगर वही शंख गलत दिशा में रखा जाए, गलत समय पर बजाया जाए,
या फिर गलत प्रकार का शंख घर में रख दिया जाए —
तो वही पवित्र वस्तु घर की सुख-शांति छीन लेती है

वास्तु शास्त्र और पुराण दोनों चेतावनी देते हैं —
“शंख रखो तो श्रद्धा से, लेकिन नियम भूल गए तो परिणाम भयावह हो सकते हैं।”

आज हम बताएँगे —
🔹 घर में शंख रखने के 5 बड़े वास्तु नियम,
🔹 वो गलतियाँ जो आपको कभी नहीं करनी चाहिए,
🔹 और अंत में — एक शंख पूजा विधि जो दरिद्रता को दूर कर सकती है।

तो आइए, आरंभ करें यह दिव्य यात्रा —
“शंख की ध्वनि से शांति तक…”


Ghar me shankh hai अगर घर में शंख है तो रखें विशेष ध्यान, इन 5 गलतियों से छिन सकती है सुख-शांति | जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

🌺 शंख का रहस्यमय महत्व 

शंख, जिसे संस्कृत में “शंखः” कहा गया है, सागर से उत्पन्न होता है।
पुराणों के अनुसार, जब सागर मंथन हुआ था, उस समय लक्ष्मी जी के साथ शंख भी प्रकट हुआ था।
इसलिए इसे लक्ष्मी तत्त्व का प्रतीक माना गया है।

गरुड़ पुराण में लिखा है —

“शंखस्य ध्वनिना यान्ति पापानि दह्यन्ति तानि च।”
अर्थात् — शंख की ध्वनि से पाप नष्ट हो जाते हैं।

शिव पुराण में उल्लेख है —
भगवान विष्णु के चार आयुधों में एक “पाञ्चजन्य शंख” है,
जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थों का रक्षक है।

🔹 आध्यात्मिक दृष्टि से:
शंख जल तत्व का प्रतिनिधि है। यह घर के वातावरण को ठंडा, शांत और सकारात्मक बनाता है।
जब आप सुबह शंख बजाते हैं, तो उसकी कंपन लहरियाँ हवा में फैलकर नकारात्मक ऊर्जा को तोड़ देती हैं।

🔹 वैज्ञानिक दृष्टि से:
शंख फूँकने से हमारे फेफड़े और हृदय की मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं,
जिससे श्वसन क्रिया सुधरती है, और मन में एकाग्रता आती है।

यही कारण है कि पुराने समय में हर मंदिर, हर यज्ञ, हर आरती में शंख की ध्वनि सबसे पहले की जाती थी।


🌙 Ghar me shankh hai अगर घर में शंख है तो रखें विशेष ध्यान, इन 5 गलतियों से छिन सकती है सुख-शांति | जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

घर में शंख रखने के लाभ

वास्तु शास्त्र कहता है —
“जहाँ शंख का वास होता है, वहाँ धन और शांति दोनों का निवास होता है।”

1️⃣ लक्ष्मी आगमन का प्रतीक:
शंख में स्वयं लक्ष्मी का निवास माना गया है।
विष्णु जी जहाँ भी पूजे जाते हैं, वहाँ शंख अवश्य रहता है।
इसलिए इसे घर में रखना शुभ माना गया है।

2️⃣ नकारात्मकता का नाश:
शंख की ध्वनि इतनी शक्तिशाली होती है कि यह घर के कोनों में फैली नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देती है।

3️⃣ रोगों से रक्षा:
वैज्ञानिक रूप से, शंख में “कैल्शियम” और “फॉस्फेट” तत्व होते हैं।
इसमें जल भरकर पीने से पेट और त्वचा संबंधी रोग दूर होते हैं।

4️⃣ संपत्ति वृद्धि:
उत्तर दिशा में शंख रखने से घर में धन वृद्धि होती है।
यह दिशा स्वयं “कुबेर” की मानी जाती है।

5️⃣ भय निवारण:
घर के मुख्य द्वार पर शंख रखने से भूत-प्रेत बाधाएँ नहीं आतीं।


ये 5 गलतियाँ न करें – वरना छिन जाएगी सुख-शांति 

अब आते हैं मुख्य विषय पर —
अगर आपने घर में शंख रखा है, तो इन 5 भूलों से बचना बेहद जरूरी है:


🚫 टूटा या क्रैक्ड शंख रखना

शास्त्र कहते हैं —
“भिन्नं शंखं न पूजयेत्।”
अर्थात् — टूटा या फटा शंख अशुभ होता है।

👉 ऐसा शंख रखने से कर्ज बढ़ता हैकलह होता है, और आर्थिक नुकसान होता है।
टूटे शंख को नदी या बहते जल में विसर्जित कर देना चाहिए।


🚫 गलत दिशा में रखना

शंख को उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए।
ये दिशाएँ क्रमशः कुबेर और इंद्र की मानी जाती हैं।

⚠️ पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखा शंख अशुभ प्रभाव देता है,
क्योंकि ये दिशाएँ पितृ और यम से जुड़ी हैं।


🚫 : शंख में कभी भी हवा फूँकना नहीं चाहिए 

वास्तु शास्त्र दो प्रकार के शंख बताता है —
1️⃣ पूजन शंख (जिसमें जल रखा जाता है)
2️⃣ ध्वनि शंख (जिसे बजाया जाता है)

अगर आपने शंख देवी-देवता के पास रखा है,
तो उसे कभी फूँकना नहीं चाहिए।
वह “पूजन शंख” होता है, जिसमें जल रखा जाता है और भगवान को अर्पित किया जाता है।

अगर आप उसे फूँकेंगे, तो यह अशुद्ध हो जाता है।
ऐसा करने से दरिद्रता और कलह आती है।


🚫रात में शंख बजाना

शंख का स्वर सूर्य की ऊर्जा से जुड़ा है।
इसलिए इसे केवल प्रातःकाल और संध्या के समय ही बजाना चाहिए।

रात्रि में शंख बजाने से घर में देवी लक्ष्मी की कृपा दूर चली जाती है,
और राक्षसी ऊर्जा सक्रिय हो जाती है।


🚫  बिना शुद्धिकरण के शंख रखना

शंख समुद्र से आता है,
और उसमें कई प्रकार की समुद्री ऊर्जाएँ होती हैं।
इसलिए इसे घर लाने से पहले शुद्धिकरण करना अनिवार्य है।

शुद्धिकरण विधि:
🔹 गंगाजल, कुमकुम, हल्दी और चंदन से स्नान कराएँ।
🔹 “ॐ नमः शंखाय नमः” मंत्र से 108 बार जाप करें।
🔹 फिर उसे पूजा स्थान में स्थापित करें।


Ghar me shankh hai अगर घर में शंख है तो रखें विशेष ध्यान, इन 5 गलतियों से छिन सकती है सुख-शांति | जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

🌸 शंख के प्रकार और उनका महत्व

शंख कई प्रकार के होते हैं, और हर प्रकार का अपना अलग प्रभाव है।

1️⃣ दक्षिणावर्ती शंख (Right-handed conch)

सबसे शुभ माना जाता है।
इसका मुख दाईं ओर घूमता है, और यह विष्णु-लक्ष्मी का प्रिय है।
इस शंख को घर के मंदिर में रखना धन और ऐश्वर्य बढ़ाता है।

2️⃣ वामावर्ती शंख (Left-handed conch)

यह सामान्य शंख होता है, जिसे बजाया जाता है।
धार्मिक कार्यों में इसकी ध्वनि का उपयोग होता है।

3️⃣ गणेश शंख

इसका आकार गणेश जी के सूँड़ जैसा होता है।
इसे रखने से विघ्न बाधाएँ दूर होती हैं।

4️⃣ कौड़ावाला शंख

इसे विशेष रूप से कुबेर साधना में प्रयोग किया जाता है।

5️⃣ विष्णु शंख (पाञ्चजन्य)

यह अत्यंत दुर्लभ होता है और केवल विष्णु पूजा में प्रयोग होता है।


🔱शंख पूजा विधि

हर शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन शंख पूजा करें।

विधि:

1️⃣ स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
2️⃣ शंख को गंगाजल, दूध और गुलाबजल से स्नान कराएँ।
3️⃣ उस पर चंदन, कुंकुम और अक्षत चढ़ाएँ।
4️⃣ दीपक जलाकर “ॐ शंखाय नमः” का 108 बार जाप करें।
5️⃣ शंख में जल भरकर उसे भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित करें।
6️⃣ पूजा के बाद वही जल घर में छिड़कें — इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी।


🌼 शंख और लक्ष्मी का संबंध 

लक्ष्मी जी स्वयं समुद्र की पुत्री हैं —
और शंख भी समुद्र का ही उपहार है।

इसलिए जहाँ शंख होता है, वहाँ धन और वैभव का प्रवाह बना रहता है।
लेकिन शास्त्र कहते हैं —
“लक्ष्मी वहीं स्थायी रहती हैं जहाँ नियम और शुद्धता हो।”

अगर शंख को गंदे स्थान पर रखा गया,
या उसकी पूजा उपेक्षित हुई,
तो लक्ष्मी जी वहाँ से चली जाती हैं।


🌙निष्कर्ष और प्रेरणादायक अंत

दोस्तों, शंख केवल एक समुद्री वस्तु नहीं…
यह “ध्वनि का दिव्य स्वरूप” है।
यह भगवान विष्णु का आभूषण भी है और हमारी आत्मा का रक्षक भी।

याद रखिए —
यदि आपने शंख घर में रखा है, तो वह मात्र सजावट नहीं,
बल्कि एक ऊर्जा केंद्र है।

👉 उसे श्रद्धा से पूजें।
👉 नियमों का पालन करें।
👉 और हर सुबह उसकी मधुर ध्वनि से दिन की शुरुआत करें।

तब देखिए —
कैसे आपके घर में सुख-शांति, धन और दिव्यता स्वयं प्रवाहित होने लगती है।


“जहाँ शंख की ध्वनि है, वहाँ विष्णु का वास है।

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